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मन

 मन 



मन की शांति आपके मन की चाहत मे होती है,

अपनी मन की चाहत को याद कर,

हे मन आप निराश क्यों होती है/


क्या अच्छा लगता है ?

अपने मन से ना छुपा

दिल की जो चाहत है,

अपने मन को बता


आपका मन आपको मार्ग दिखाएगी

अपने मन पर भरोषा रख,

आपका मन ही है जो

आपको नहीं मालूम वह भी सिखाएगी /



अपने मन से आज बात करके तो देख,

जो समस्या होंगे आपके मन को बताने मे मत कर लेट

क्योंकि आपका मन

आपका सच्चा साथी है

अपने मन की ओर तो देख


मन की शांति आपके मन की चाहत मे होती है,

अपनी मन की चाहत को याद कर,

हे मन आप निराश क्यों होती है/


चुन्नू बंजारे

M. 9301632135

www.chunnupoem.blogspot.com


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